अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो प्यार कैसा।
अब शिकायत नहीं तुझसे, तू जैसा था, वैसा ही रहा, बस मेरी उम्मीदें बदल गईं।
तू पास हो या दूर, क्या फ़र्क पड़ता है, दिल तो हर हाल में तेरा ही रहेगा।
किस्मत की किताब में ऐसा ही कुछ लिखा था, जो मेरा था ही नहीं, वो मेरा कभी हुआ ही नहीं।
बेवफाई की इतनी बुरी सजा मिली, कि अब मोहब्बत से ही डर लगता है।
अब तो तुम्हारी कमी में ही सारा दिल टूट जाता है।
तू मेरे बिना खुश है तो मैं भी खुश हूँ, Sad Shayari बस एक दर्द है कि अब मैं तेरी यादों में कैद हूँ।
रिश्ते निभाने की उम्मीद हमसे ही क्यों,
तुमसे मिलने की उम्मीद कभी खत्म नहीं हुई,
तू खुश रह, यही दुआ है मेरी, बस तुझे याद करने की इजाज़त दे दे।
परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,
तुम दूर चले गए, पर दिल में तुम्हारी यादें अभी भी बाक़ी हैं,
हम तो तुझसे अब भी मोहब्बत करते हैं, बस तुझे एहसास दिलाना छोड़ दिया।
तुझसे मिलकर भी अब तो वो पल फीके लगते हैं,